मैंने परी को देखा बड़ी प्यारी थी...

" माहीया से दीदार करा दे रब्बा लक बरषा " कजरारे मुबी का गीत सुनते हुए अछा लगता है ...
क्या माही से दीदार तभी होता है जब पानी आसमान से धरती पर बरसता के है...
शायद हा  कहा गया है.  लिखा हुआ  कि  ....       ये बरसते लफ्ज भी तो कितने सुहावने होते  है शायद भगवान ने इसी लिए इन पलो को माही से दीदार कराने को इन पलो को बचा कर रखता है एक परी सी लडकी पारक मे पेड के नीचे दुबकी हुए अपना हाथ आगे करके बारिश की बूँद को अपने हाथ पर लेना चाह रही है....
उसके हाथों में छतरी पकड़ी हुई है ...जोकि हल्की हल्की बारिश से  बचाव कर रही है ... मैं भी अपनी डायरी में उसको लम्हें को कैद कर लेता हूं...
शायद किसी का इंतजार कर रही है... उसके पास जाना चाहता हूं... 
जानना चाहता हूं.. उसके इस पागलपन की वजह... बगल वाले प्यार के   कुछ बच्चे खेल पर क्रिकेट खेल रहे हैं....

Yeh Hai uss pari ke hath agar chehra dekhna Hai... Too... Iss

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